संवाददाता: राजेश सोलंकी
मथुरा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले शुक्रवार को मथुरा डिपो कार्यालय पर कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल लवानिया ने बताया कि रोडवेज को निजीकरण की ओर ले जाया जा रहा है, जिसका सीधा असर कर्मचारियों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि परिषद इसका पुरजोर विरोध करती है और किसी भी कीमत पर निजीकरण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी मांग उठाई कि संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए स्पष्ट नियमावली बनाई जाए और लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
धरने में शामिल कर्मचारियों ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।