वृंदावन। केशीघाट पर शुक्रवार को स्थानीय नाविकों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अपनी मांगें रखीं। हालिया हादसों के बाद पहले से ही रोजगार पर संकट गहराया हुआ है, वहीं बढ़े हुए पंजीकरण शुल्क ने नाविकों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
नाविक नेता जमुना निषाद ने कहा कि उनका पारंपरिक रोजगार पीढ़ियों से चला आ रहा है, जिसे किसी बाहरी संस्था को सौंपना उचित नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्थानीय नाविकों के अधिकारों की रक्षा की जाए।
वहीं बलबीर निषाद ने बताया कि प्रशासन द्वारा निर्धारित ₹5,000 की रजिस्ट्रेशन फीस नाविकों के लिए काफी ज्यादा है। उन्होंने इसे घटाकर ₹1,000 करने की मांग की, ताकि सभी नाविक आसानी से पंजीकरण करा सकें।
नाविकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई और रोजगार की गारंटी नहीं दी गई, तो वे उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।