सर्वोदयी ब्राह्मण विकास संस्थान द्वारा मंगलवार की देर शाम प्राचीन मंदिर ठाकुर श्री केशव देव प्रांगण में एक विशेष बैठक और गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी मुकुमनी शर्मा की अध्यक्षता में भगवान विष्णु के दस अवतारों में से पांचवें और मनुष्य रूप में प्रथम अवतार वामन भगवान के जीवन पर केंद्रित थी। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष पंडित सोहनलाल शर्मा, नारायण प्रसाद शर्मा और दिवाकर आचार्य बिहारी लाल गोस्वामी द्वारा भगवान वामन के चित्रपट पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित करके हुआ। बैठक में आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई और नवीन सदस्य बनाने पर विशेष जोर दिया गया। गोष्ठी में उपस्थित गणमान्य लोगों ने बताया कि वामन भगवान भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, श्रवण नक्षत्र की अभिजीत बेला में अवतरित हुए थे, जिसे वामन द्वादशी के नाम से जाना जाता है। सोहनलाल शर्मा ने बताया कि भगवान वामन ने राजा बलि पर कृपा करते हुए तीन पग पृथ्वी के बहाने उन्हें सुतल लोक का राजा बना दिया। संस्थान के महामंत्री नारायण शर्मा ने कहा कि जब राजा बलि नर्मदा नदी के तट पर 100वां अश्वमेध यज्ञ कर रहे थे, तब भगवान वामन बाल रूप में पहुंचे और तीन पग पृथ्वी मांगी। राजा बलि ने प्रसन्न होकर उनका पूजन किया, जबकि शुक्राचार्य उन्हें पहचान गए थे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विप्र समाज के लिए हमेशा तैयार रहने वाले पांच समाजसेवियों का पटुका पहनाकर स्वागत भी किया गया।