उत्तर मध्य रेलवे 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत व्यापक स्वच्छता अभियान चलाएगा। “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत–विकसित भारत” थीम पर आयोजित इस अभियान में प्रयागराज, आगरा और झांसी मंडल के स्टेशनों, ट्रेनों, रेलवे कॉलोनियों, कार्यशालाओं, अस्पतालों और रेलवे स्कूलों में विशेष स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
17 सितंबर से उत्तर मध्य रेलवे में स्वच्छता का महाअभियान शुरू होने जा रहा है। 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में स्टेशनों और ट्रेनों की सफाई के साथ-साथ प्लास्टिक उन्मूलन, कचरा पृथक्करण, सफाईमित्र सम्मान और जनजागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लाखों यात्रियों और नागरिकों को स्वच्छता से जोड़ा जाएगा।
उत्तर मध्य रेलवे ने अभियान को पांच प्रमुख आधारों पर केंद्रित किया है। इनमें गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (GVP) और क्लीननेस टारगेट यूनिट्स (CTU) का रूपांतरण, रेलवे स्कूलों में स्वच्छ पाठशाला, सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, जनभागीदारी और कबाड़ से जुगाड़ जैसी नवाचार गतिविधियां शामिल हैं।
अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, पेयजल स्थल, शौचालय, ट्रेन के कोच, पेंट्री कार, ट्रैक, यार्ड, रेलवे कॉलोनियों और कार्यालय परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। साथ ही यात्रियों को ‘मेरी सीट–मेरा डिब्बा’ संदेश के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
23 से 29 सितंबर के बीच जनजागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, प्लास्टिक मुक्त अभियान, ठोस कचरा प्रबंधन, कम्पोस्टिंग और पुनर्चक्रण कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं 30 सितंबर को सफाईमित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच, पीपीई किट वितरण और सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।