श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते भूस्खलन और फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। कई घर और सड़कें प्रभावित हुई हैं। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य के लापता होने की सूचना है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपनी दिल्ली यात्रा बीच में ही छोड़ने का फैसला किया, ताकि वे हालात की स्वयं निगरानी कर सकें। वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी घटना पर शोक जताते हुए प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन, सेना, पुलिस और आपदा राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और आवश्यक सहायता पहुंचाने में जुटे हैं। लगातार बारिश के कारण कई संपर्क मार्ग बाधित हैं, जिससे राहत कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। सुरक्षा कारणों से अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है।