एक तरफ ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां मिनटों में सामान पहुंचाने के दावे करती हैं, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की सुरक्षा और संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मथुरा के टाउनशिप क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और साथी कर्मचारियों ने ब्लिंकिट स्टोर के बाहर शव रखकर जमकर प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार औरंगाबाद निवासी हरीश निषाद ब्लिंकिट कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत था। मंगलवार को वह स्टोर से सामान लेकर नंदनवन क्षेत्र में डिलीवरी देने गया था। इसी दौरान वह अपनी बाइक के पास संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के परिजनों और साथी कर्मचारियों का आरोप है कि घटना के 15 से 16 घंटे बाद तक भी कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी न तो अस्पताल पहुंचा और न ही परिवार से संपर्क किया। कंपनी की इस कथित संवेदनहीनता से नाराज परिजनों और डिलीवरी कर्मियों ने बुधवार दोपहर टाउनशिप स्थित ब्लिंकिट स्टोर का घेराव कर दिया और मुख्य द्वार पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि वे दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर कंपनी के लिए काम करते हैं, लेकिन एक कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मौत हो जाने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई संवेदना व्यक्त नहीं की गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। विक्रांत तोमर ने पुलिस बल के साथ परिजनों और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद कंपनी अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई और सहायता का आश्वासन दिए जाने पर परिजन शांत हुए और शव को वहां से ले गए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।