दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 26 जून को प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। सनातन रक्षक संघ तथा कई संत-महंतों ने इस दौरे पर आपत्ति जताते हुए क्षेत्राधिकारी अयोध्या के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है।
संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि राम मंदिर चंदा प्रकरण से संबंधित विशेष जांच दल की रिपोर्ट अभी लंबित है। ऐसे में इस प्रकार का दौरा राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास माना जा सकता है। उन्होंने मांग की कि इस विषय पर जनभावनाओं और धार्मिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाए।
सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है। इसलिए इसकी धार्मिक गरिमा और पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि अयोध्या के धार्मिक महत्व, जनभावनाओं और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है।