लखनऊ के दर्दनाक अग्निकांड के बाद मथुरा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना फायर सेफ्टी व्यवस्था, आवश्यक अनुमतियों और मानकों को पूरा किए कोई भी कोचिंग सेंटर, होटल या रेस्टोरेंट संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि मथुरा-वृंदावन देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना आवश्यक स्वीकृतियों और नक्शा पास कराए संचालित होते पाए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी होटल संचालकों को फायर एनओसी, भवन मानक और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी। वहीं बेसमेंट या असुरक्षित स्थानों पर संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फायर सेफ्टी मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों को किसी भी हालत में संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि संयुक्त जांच अभियान के दौरान अब तक 15 कोचिंग सेंटर, होटल और रेस्टोरेंट सील किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।