मथुरा में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के संयुक्त तत्वावधान में सिविल नाविकों और गोताखोरों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जल आपदाओं के दौरान बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना तथा नाविकों एवं गोताखोरों को आधुनिक सुरक्षा मानकों से अवगत कराना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जल दुर्घटनाओं में बचाव कार्य, सुरक्षित नाव संचालन, प्राथमिक उपचार, लाइफ जैकेट के उपयोग, आपातकालीन प्रतिक्रिया और संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। एनडीआरएफ के विशेषज्ञों ने विभिन्न परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली बचाव तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने कहा कि नाविकों और गोताखोरों की भूमिका जल क्षेत्रों में आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना नाविकों की पहली जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन सकती है।
जिलाधिकारी ने सभी नाविकों से निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, नावों में क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने और सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ जनसुरक्षा को भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नाविकों, गोताखोरों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।