सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का...
- 9h ago
बिजनौर पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पहले लोगों की 'कुंडली' यानी उनकी निजी रंजिश, विवाद और पारिवारिक तनातनी की जानकारी जुटाता था। इसके बाद झूठे मुकदमों में फंसाने का डर दिखाकर समझौते के नाम पर लाखों रुपये की वसूली करता था। एसपी केके बिश्नोई की टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब बिजनौर के उमर कॉलोनी निवासी मोहम्मद अहसान ने कोतवाली शहर में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांग रहे हैं। शिकायत मिलते ही एसपी केके बिश्नोई के निर्देश पर स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा था। उसके साथ अफजाल, गुड्डी, कुन्ती और प्रीति मिलकर ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिनका किसी से पुराना विवाद या पारिवारिक झगड़ा चल रहा हो। पहले वे पूरी जानकारी जुटाते, फिर उसी को आधार बनाकर पीड़ित को डराने-धमकाने का खेल शुरू करते थे।
पुलिस के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति उनकी मांग मान लेता तो समझौते के नाम पर रकम वसूली जाती। लेकिन पैसे नहीं देने पर गिरोह महिलाओं के जरिए बलात्कार, गैंगरेप, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने या न्यायालय में परिवाद दाखिल कराने का दबाव बनाता था।
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब यह भी जांच की जा रही है कि अलग-अलग जिलों में दर्ज मुकदमों और न्यायालयी परिवादों का इस गिरोह से कोई संबंध है या नहीं। एसपी केके बिश्नोई का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर