सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का...
- 9h ago
बलिया की सात साल की दिव्यांग बच्ची रागिनी की दर्दभरी कहानी का बड़ा असर हुआ है। एक पैर से स्कूल जाने को मजबूर रागिनी की गुहार अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गई है। योगी सरकार ने उसके इलाज का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है, जबकि जिला प्रशासन ने रागिनी को ट्राइसाइकिल भी सौंप दी है।
बलिया जिले की रहने वाली सात वर्षीय रागिनी एक सड़क हादसे के बाद एक पैर से दिव्यांग हो गई थी। हालात ऐसे थे कि वह रोज़ाना एक पैर के सहारे उछलते हुए स्कूल जाने को मजबूर थी। उसकी यह मार्मिक कहानी सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रागिनी के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इसके साथ ही बेहतर चिकित्सा और पुनर्वास की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
बलिया के जिलाधिकारी ने स्वयं रागिनी से मुलाकात कर उसे ट्राइसाइकिल भेंट की। साथ ही अधिकारियों को उसके परिवार की हर संभव सहायता और पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आने देने के निर्देश दिए।
अब रागिनी के चेहरे पर नई उम्मीद है। जिस बच्ची का स्कूल पहुंचना हर दिन एक संघर्ष था, उसके बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी अब सरकार ने अपने हाथों में ले ली है।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर