मथुरा में नगर निगम द्वारा विद्युत गैस शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी ध्रुवघाट शमशान स्थल संचालन समिति को सौंप दी गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर विनोद अग्रवाल ने विद्युत शवदाह गृह का लोकार्पण करते हुए कहा कि मानव जीवन में सेवा और संस्कार का सबसे बड़ा कार्य अंतिम समय में दुखी परिवारों को बेहतर, सुगम और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि समिति इस जिम्मेदारी को सराहनीय ढंग से निभा रही है।
महापौर ने कहा कि इस परियोजना से जंगल, लकड़ी, पानी और समय की बचत होगी, साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बेहद उपयोगी कदम साबित होगा। उन्होंने लोगों से समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर विद्युत शवदाह गृह के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
कार्यक्रम का शुभारंभ ठाकुर जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान महापौर विनोद अग्रवाल, कार्यक्रम अध्यक्ष गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, समिति संरक्षक धनेश मित्तल एवं शशिभानु गर्ग, समिति अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, मंत्री उमेश अग्रवाल और प्रकल्प प्रभारी महेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से शवदाह गृह का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम अध्यक्ष गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि लगभग तीन करोड़ पचास लाख रुपये की लागत से 1675 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित इस शवदाह गृह में दो भट्टियां स्थापित की गई हैं, जहां लगभग एक घंटे में वैदिक रीति-रिवाज से एक शव का अंतिम संस्कार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था बिजली, गैस और जनरेटर से संचालित होती है तथा यहां अंतिम संस्कार की सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
समिति संरक्षक शशिभानु गर्ग ने बताया कि पिछले एक माह में यहां लगभग 30 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यहां मुखाग्नि, कपाल क्रिया सहित सभी वैदिक परंपराओं का पालन कराया जाता है, जिसके लिए पंडित की व्यवस्था भी निशुल्क उपलब्ध है।
कार्यक्रम के दौरान इस परियोजना में सहयोग करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया।