मथुरा में वैवाहिक विवाद का मामला अब पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच गया है। मूल रूप से कानपुर और वर्तमान में दिल्ली निवासी विवेक बाजपेई ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित पति का कहना है कि उनकी पत्नी उनके साथ रहना नहीं चाहती थीं और जब उन्होंने अदालत में तलाक की अर्जी दाखिल की, तो उस मामले को प्रभावित करने के उद्देश्य से उन पर तथा उनके बीमार माता-पिता पर दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
विवेक बाजपेई का दावा है कि पुलिस अभिलेखों में 22 अक्टूबर 2023 को मारपीट और दहेज मांगने की जो घटना दर्ज की गई है, उस दिन उनकी पत्नी दिल्ली में उनके साथ मौजूद नहीं थीं, बल्कि मथुरा स्थित अपने मायके में थीं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर पत्नी के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और स्थान संबंधी जानकारी निकाली जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
पीड़ित पति ने आरोप लगाया कि पत्नी के मायके पक्ष द्वारा समझौते के नाम पर 65 लाख रुपये की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि तलाक का नोटिस मिलने के बाद पत्नी पक्ष ने महिला थाने में शिकायत दी, जिस पर मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू हुई थी। लेकिन मध्यस्थता पूरी होने से पहले ही वृंदावन पुलिस ने बिना पर्याप्त जांच के जल्दबाजी में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
फिलहाल मामले को लेकर पुलिस स्तर पर जांच जारी है और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।