कोसीकलां। धर्मनगरी कोसीकलां में बाबा महाकाल की भक्ति और आस्था का अनूठा नजारा देखने को मिला। उज्जैन की तर्ज पर श्री कृष्णेश्वर महाकाल मित्र मंडल द्वारा बाबा महाकाल की प्रथम वर्षगांठ पर भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। नफीरी और शहनाई की मधुर धुन, आकर्षक धार्मिक झांकियों और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों से पूरा नगर शिवमय हो गया।
धार्मिक आयोजन का शुभारंभ गोमती कुंड स्थित बालाजी मंदिर में बाबा महाकाल के महा रुद्राभिषेक के साथ हुआ। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद संकीर्तन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा महाकाल की आराधना की।
शाम को बाबा महाकाल की भव्य पालकी यात्रा बालाजी मंदिर, गोमती कुंड से प्रारंभ हुई। नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यात्रा पुनः मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पालकी के आगे नफीरी और शहनाई की मधुर धुन बज रही थी, वहीं आकर्षक धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बाबा महाकाल का स्वागत किया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बाबा महाकाल स्वयं नगर भ्रमण कर अपने भक्तों और नगरवासियों का हाल जानने निकले हों।
भजन संध्या में भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु
पालकी यात्रा के समापन के बाद भव्य भजन संध्या आयोजित की गई। बाबा महाकाल के मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और नगर के कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर बालाजी मंदिर के महंत श्री कृष्ण मुरारी एवं युवराज कपीश महाराज की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में श्याम सुंदर शर्मा, कुशल जैन, बालकिशन दीक्षित, अंकुर, भगवत चौधरी, डालचंद, लोकचंद मास्टर जी, हेमंत अग्रवाल, विष्णु शर्मा, कल्पेश जैन, अमित जैन, दीपक जायसवाल, मोहन दत्त शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्री कृष्णेश्वर महाकाल मित्र मंडल द्वारा आयोजित प्रथम वर्षगांठ का यह धार्मिक उत्सव कोसीकलां में आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक एकता की यादगार मिसाल बन गया।