मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में वर्तमान समय दर्जनों की संख्या में लावारिस मरीजों का उपचार किया जा रहा है लेकिन उन मरीजों के कोई परिजन नहीं है और सभी देखभाल अस्पताल प्रशासन के द्वारा की जा रही है।
कुछ मरीज कई महीनो से भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं और सही होने के बावजूद भी उनका कोई ठिकाना नहीं है इसी वजह से अन्य मरीजों के लिए बेड नहीं मिल पाते हैं।
हालांकि लावारिस मरीजों की देखभाल जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर नीरज अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ चिकित्सक और सभी स्टाफ नर्स कर रही है और पूर्ण रूप से उपचार कर रहे है लेकिन वह लावारिस मरीज ठीक होने के बाद भी जाए तो जाएं कहां।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर नीरज अग्रवाल ने बताया कि लगभग एक दर्जन लावारिस मरीज मथुरा के जिला अस्पताल में भर्ती है और उनका उपचार किया जा रहा है कुछ मरीज तो ऐसे हैं जो कि चार या पांच माह से भरती है लेकिन उनका कोई परिजन नहीं है। बहुत से मरीज तो एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल में छोड़ दिए गए थे और किन्हीं किन्हीं लावारिस मरीजो की देखभाल के लिए एक दो बार ही परिजन पहुंचे लेकिन फिर सभी ने ताल्लुक छोड़ दिया।
अब सवाल इस बात का उठता है कि एंबुलेंस एवं अन्य लोगों के द्वारा लावारिस मरीजों को भरती तो करा दिया जाता है लेकिन ठीक होने के बाद जिला अस्पताल सही हुए मरीजों को कहां भेजें।