दीपावली एवं आगामी त्योहारों को देखते हुए व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से गुरुवार, 22 अक्टूबर को राज्य कर विभाग के गोवर्धन चौराहा स्थित कार्यालय में संयुक्त व्यापार मंडल और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी, ई-वे बिल, बिलिंग और जांच प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं उठाते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने कहा कि ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। जीएसटी पोर्टल और रिटर्न फाइलिंग में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सहायता केंद्र स्थापित करने तथा नियमित मार्गदर्शन शिविर आयोजित करने की जरूरत है।
व्यापारियों ने फर्जी बिलिंग और कर चोरी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, जिससे ईमानदार व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विभाग और व्यापारियों के बीच नियमित संवाद पर जोर
संयुक्त व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों और व्यापारियों के बीच नियमित संवाद स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संपर्क अधिकारी नियुक्त करने की आवश्यकता भी बताई।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी सरकार के राजस्व और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में ईमानदार व्यापारियों का सम्मान सुनिश्चित करने के साथ-साथ फर्जी कारोबार और कर चोरी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी जरूरी है।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष अजय चतुर्वेदी, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के वरिष्ठ प्रदेश महामंत्री संगठन जगत नारायण अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष जितेंद्र प्रजापति, उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री सुनील अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप अरोड़ा, महामंत्री अशोक वर्मा, संयुक्त महामंत्री संतोष चौधरी, जिला अध्यक्ष रास बिहारी अग्रवाल एवं अजय अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान व्यापारियों को होने वाली समस्याओं पर चर्चा कर विभागीय समन्वय के माध्यम से उनके समाधान का रास्ता निकालना रहा।