वृंदावन में आचार्य छबीले बल्लभ लाल गोस्वामी महाराज की तृतीय पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। परिक्रमा मार्ग के निकट स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल अद्वैत वट में आयोजित कार्यक्रम में विप्रजनों, अनुयायियों और श्रद्धालुओं ने महाराज के चित्रपट के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके आध्यात्मिक योगदान और धार्मिक परंपराओं के प्रति समर्पण को याद किया गया।
पुण्यतिथि के अवसर पर अद्वैत वट परिसर में साधु-संतों, वैष्णवों और ब्राह्मणों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने सेवा भाव के साथ संतों और विप्रजनों को प्रसादी ग्रहण कराई। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और सेवा की भावना देखने को मिली।
इस मौके पर अद्वैत वट राधा मदन गोपाल मंदिर के सेवायत आचार्य राजेश किशोर गोस्वामी ने आचार्य छबीले बल्लभ लाल गोस्वामी महाराज के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत-महापुरुषों का जीवन समाज को धर्म, भक्ति, सदाचार और सेवा का मार्ग दिखाता है। उनके विचारों और आदर्शों का स्मरण नई पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों को समझने और जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों की पुण्यतिथि मनाने का उद्देश्य केवल उनका स्मरण करना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, संस्कारों और शिक्षाओं को आगे बढ़ाना भी है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने महाराज के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।