भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन शहर के प्राचीन देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मसानी तिराहे स्थित प्राचीन पथवारी देवी मंदिर में भक्तों ने मां के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर के सेवायत राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पथवारी देवी मंदिर को अत्यंत प्राचीन और जागृत धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां नगरकोट की पथवारी देवी विराजमान हैं। मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पथवारी देवी का पूजन करना मंगलकारी होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं।
पथवारी देवी की पूजा से जुड़े विशेष नियम
मंदिर के सेवायत ने श्रद्धालुओं को पूजा से संबंधित कुछ परंपराओं की जानकारी भी दी। उनके अनुसार, माता की प्रतिमा पर सीधे रोली लगाने और दूध मिले जल को अर्पित करने से बचने की परंपरा है। उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान पहले दूध से स्नान कराया जाता है, फिर शुद्ध जल अर्पित किया जाता है। भोग भी अलग से अर्पित करने की परंपरा है।
सेवायत राजेंद्र शर्मा के मुताबिक, मंदिर में वर्ष 1995 से प्रत्येक शारदीय नवरात्रि पर भव्य हवन-यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। नौ दिनों तक विशेष धार्मिक अनुष्ठान और मंत्रोच्चार के साथ हवन किया जाएगा।
वहीं मथुरा-वृंदावन मार्ग स्थित प्रसिद्ध चामुंडा देवी मंदिर में भी पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। माता के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। नवरात्रि के नौ दिनों तक मथुरा-वृंदावन के देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, सजावट और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहेगा।