540 कर्मचारियों की बहाली और स्थायी नियुक्ति की मांग, कामबंद हड़ताल से चरमराई सफाई व्यवस्था
मथुरा। शहर में रविवार को जगह-जगह कूड़े के बड़े-बड़े ढेर दिखाई दिए। 540 सफाई कर्मचारियों की बहाली और स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर सफाई कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।
होली गेट चौराहा, सदर चौराहा, डीग गेट, भरतपुर गेट और भूतेश्वर समेत कई प्रमुख स्थानों पर कूड़ा जमा होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के चलते शहर की सड़कों पर जगह-जगह गंदगी के ढेर नजर आए।
उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर एकता मंच और संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष एवं संयोजक कामरेड उत्तम चंद सहजना ने नगर निगम प्रशासन पर कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि नगर निगम में 540 सफाई कर्मचारियों ने 15 दिन का प्रशिक्षण लेने के बाद लगातार काम किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अचानक काम से बाहर कर दिया गया। कर्मचारियों ने इसके विरोध में धरना भी दिया था। उस दौरान अपर नगर आयुक्त प्रियंका सिंह ने 25 तारीख तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारी नेताओं ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद 3 अक्टूबर की शाम अधिकारियों के साथ वार्ता हुई, लेकिन बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल का फैसला लिया।
कामरेड उत्तम चंद सहजना ने चेतावनी दी कि यदि 540 कर्मचारियों की बहाली और सात सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन वृंदावन समेत नगर निगम की सभी 11 कंपनियों और वाहन चालकों तक फैलाया जाएगा।
कर्मचारी संघ ने शहरवासियों को हो रही परेशानी पर खेद जताते हुए जनता से आंदोलन में समर्थन की अपील की है। वहीं, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में बढ़ती गंदगी ने नगर निगम प्रशासन के सामने सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।