स्वर्ण जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत जयंती एवं श्रीराधाष्टमी झूलन महोत्सव में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दिनभर चले कथा-प्रवचन, भजन-कीर्तन और संतों के दिव्य सान्निध्य से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
प्रातःकालीन सत्र में व्यासपीठ से श्री धराचार्य महाराज ने राजा अम्बरीष की अखंड भक्ति, भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव तथा श्रीकृष्ण प्राकट्य की पावन कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान बधाई गीतों और जयकारों से पूरा पंडाल गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम में ऋषिकेश से पधारे जगद्गुरु कृष्ण आचार्य जी महाराज तथा विधायक श्रीकांत शर्मा ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्रीमद्भागवत को सनातन संस्कृति, नैतिक जीवन और मानव कल्याण का दिव्य मार्ग बताया
सायंकालीन सत्र में परमपूज्य बागीश जी महाराज ने गोपीगीत एवं राधा तत्व की मार्मिक व्याख्या करते हुए निष्काम प्रेम और भक्ति के आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डाला। उनके प्रवचनों और मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया
इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने कथा-रस एवं भक्ति का आनंद लिया