मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शहरी विकास, औद्योगिक परियोजनाओं, परिवहन, सड़क निर्माण और पीआरडी स्वयंसेवकों से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने मथुरा की छाता चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस निर्णय से लंबे समय से बंद छाता चीनी मिल परिसर में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना से क्षेत्र के गन्ना किसानों को लाभ मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।
बैठक में लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली में नई शहरी परियोजनाओं के लिए प्रथम किस्त के रूप में 380 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं 10 वर्ष तक की किरायेदारी अथवा पट्टा विलेखों के लिए स्टांप शुल्क एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क की व्यवस्था को सरल और किफायती बनाने का निर्णय लिया गया।
परिवहन क्षेत्र में कैबिनेट ने सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ एवं बढ़नी तथा हरदोई के सवायजपुर में बस स्टेशन निर्माण के लिए भूमि परिवहन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
सड़क एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के तहत 15.172 किलोमीटर लंबे 6-लेन ग्रीनफील्ड चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1,008.67 करोड़ रुपये के संशोधित परियोजना प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे चित्रकूट क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क विकसित होने की उम्मीद है।
इसके अलावा कैबिनेट ने पीआरडी स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। अब उन्हें 500 रुपये के स्थान पर 600 रुपये प्रतिदिन का ड्यूटी भत्ता मिलेगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक गतिविधियों, परिवहन सुविधाओं और विभिन्न वर्गों से जुड़े विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।