ब्रज क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से बंद पड़ी छाता चीनी मिल को फिर से औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छाता चीनी मिल परिसर में ड्यूल-मोड एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
प्रस्तावित प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर एथेनॉल बताई गई है। प्लांट को करीब 11 महीने संचालित किए जाने की योजना है। गन्ने की उपलब्धता के दौरान गन्ने से एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा, जबकि गन्ने का सीजन समाप्त होने के बाद मक्का और धान को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
परियोजना के तहत छाता में को-जनरेशन बिजली संयंत्र स्थापित किए जाने की भी योजना है। इससे प्लांट की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
छाता चीनी मिल के दोबारा सक्रिय होने से आसपास के गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर गन्ने की खपत का अवसर मिलने की संभावना है। वहीं प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना से क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण छाता क्षेत्र में भविष्य में अन्य औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
छाता चीनी मिल को लेकर सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों में उत्साह है। परियोजना के धरातल पर आने के बाद छाता को ब्रज क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी इसे अहम कदम माना जा रहा है।