मथुरा स्थित संस्कृति विश्वविद्यालय के सभागार में 'आत्महत्या रोकथाम दिवस' के अवसर पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन संस्कृति स्कूल आफ साइकोलॉजी, स्कूल आफ एजूकेशन, स्कूल ऑफ़ ह्यूमैनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़, इंटरनल कंप्लेट कमेटी एवं काउंसलिंग सेल के संयुक्त तत्वाधान में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्महत्या की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों को समय पर मदद देने के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सुश्री इति महेश्वरी और विशिष्ट अतिथि रिहैबिलिटेशन काउंसलर सुश्री लवलीन कौर ने एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा और काउंसलिंग के बारे में विस्तार से समझाया। चर्चा को रोचक बनाने के लिए सवाल-जवाब गतिविधि भी आयोजित की गई। वक्ताओं ने छात्रों को 'इन्फीहील' और इसके मानसिक स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म 'हीलो' की जानकारी दी, जो मनोवैज्ञानिक सहायता को अधिक सुलभ बनाने में योगदान देता है।
कार्यक्रम का आयोजन स्कूल आफ साइकोलॉजी की विभागाध्यक्ष प्रो. मोनिका अब्रोल की देखरेख में किया गया। मुस्कान कौशिक ने अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके बाद सुश्री रेनू ने अपने संबोधन में संवेदनशीलता, सहानुभूति और सार्थक बातचीत के महत्व पर बल दिया। सत्र ने विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से सुनने, प्रभावी संचार और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।