वृन्दावन स्थित वानप्रस्थ धाम में आगामी 16 सितम्बर को सायं 7:00 बजे परम पूज्य महाराज श्री का 45वां जन्मदिवस परंपरागत जन्मोत्सव के बजाय सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर पर एक भव्य संत समागम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 'मानव जीवन में चार आश्रमों का महत्व' विषय पर एक विद्वत संगोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें सनातन जीवन-पद्धति और वर्तमान समय में वानप्रस्थ व्यवस्था की प्रासंगिकता पर गहन विचार मंथन किया जाएगा। इस आयोजन की मुख्य विशेषता महाराज श्री के 45वें जन्मवर्ष के उपलक्ष्य में 45 वरिष्ठजनों का शॉल, माला एवं सम्मान-पत्र देकर विशेष रूप से अभिनंदन करना है। वानप्रस्थ धाम के प्रबंधकों के अनुसार यह केवल एक वृद्धाश्रम नहीं है, बल्कि यह वरिष्ठजनों को पूरा सम्मान, सात्त्विक भोजन, स्वास्थ्य देखभाल, योग और आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ एक आत्मीय वातावरण देने का एक पावन प्रकल्प है। इस कार्यक्रम और आयोजन के विषय में वानप्रस्थ धाम से पाराशर महाराज जी की बाइट भी ली गई है। वृन्दावन से इस पूरे समाचार और कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट रिपोर्टर राहुल ठाकुर द्वारा प्रदान की गई है।