धार्मिक नगरी वृंदावन में श्री स्वामी हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी महाराज के 546वें आविर्भाव महोत्सव का द्वितीय दिवस पूरी तरह से संगीत और भक्ति के नाम रहा। इस खास मौके पर ध्रुपद-धमार की सुरम्य प्रस्तुतियों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
महोत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातःकाल महामंडलेश्वर मां ध्यान मूर्ति महाराज की विशेष उपस्थिति में स्वामी हरिदास जी महाराज के पुष्प अभिषेक के साथ विधि-विधान से हुई। इसके उपरांत आयोजित ध्रुपद-धमार संगीत समारोह में देश के विभिन्न शहरों से आए कलाकारों ने अपनी संगीत कला का प्रदर्शन किया। ग्वालियर से आईं रजनी शर्मा और जयपुर के प्रतिभाशाली बाल गायक यश व राज ने अपनी अत्यंत मधुर स्वर लहरियों से राधा-कृष्ण तथा स्वामी हरिदास जी महाराज की महिमा का भव्य गुणगान किया। इस मनमोहक शास्त्रीय गायन को सुनकर कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु और संगीत प्रेमी पूरी तरह से मंत्रमुग्ध हो गए और खुशी से झूम उठे।
इस पावन अवसर पर बाइट देते हुए महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में स्वामी हरिदास जी का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने तानसेन जैसे महान संगीतज्ञ को सही दिशा दिखाकर भक्ति संगीत को एक नई और बुलंद ऊंचाइयों पर पहुंचाया।