वृंदावन के प्राचीन श्री राधारमण मंदिर में 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव पारंपरिक वैभव और दिव्य भक्ति के साथ मनाया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने अभिषेक, विशेष श्रृंगार और श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ब्रज की प्राचीन वैष्णव परंपरा के प्रमुख केंद्र श्री राधारमण मंदिर में जन्माष्टमी के दिन सुबह से देर रात तक धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वृंदावन पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर को विशेष फूलों और रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया जा रहा है।
मंदिर में ठाकुर श्री राधारमण देवजू का विशेष पंचामृत अभिषेक श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा वर्णित पारंपरिक विधि-विधान से किया जाएगा। अभिषेक में दूध, दही, शहद, बूरा, औषधियां, विभिन्न फलों के रस, कस्तूरी, केसर, चंदन, सहस्त्रधारा, यमुना जल और तुलसी जल का प्रयोग होगा। अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को पंचामृत प्रसाद वितरित किया जाएगा।
मंदिर के मंत्री आशीष किशोर गोस्वामी ने बताया कि जन्मोत्सव पर पूरे परिसर को भव्य रूप से सजाया जाएगा, जबकि विशाल गोस्वामी ने जानकारी दी कि इस पावन अवसर पर भक्तों को भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के श्रीप्रसादी वस्त्रों के दुर्लभ दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त होगा।
भजन-कीर्तन, विशेष सेवा और मनोहारी श्रृंगार के बीच श्री राधारमण मंदिर का जन्माष्टमी महोत्सव इस बार भी ब्रज की भक्ति परंपरा का अद्भुत संगम बनने जा रहा है।