राजधानी दिल्ली से चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद 31 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 47 लाख 75 हजार मतदाताओं के नाम गायब हो सकते हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि यह अंतिम सूची नहीं है और छूटे हुए मतदाता 30 सितंबर तक अपना दावा दर्ज करा सकेंगे।
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत घर-घर सत्यापन अभियान चलाया गया था। चुनाव आयोग के मुताबिक राजधानी के करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 97.5 लाख लोगों के ही फॉर्म डिजिटल हो पाए हैं, इसलिए बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं होंगे।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची से नाम गायब होने का मतलब वोट हमेशा के लिए कट जाना नहीं है। 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच मतदाता फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन, वोटर हेल्पलाइन ऐप, बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से अपना दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
आयोग का कहना है कि सभी दावों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। ऐसे में दिल्ली के मतदाताओं से अपील की गई है कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांच लें और यदि नाम नहीं हो तो तय समय सीमा के भीतर आवेदन करें।