बरेली में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। अब योजना में फर्जी और अपात्र आवेदनों पर कड़ी कार्रवाई होगी, जबकि पात्र गरीब एवं जरूरतमंद जोड़ों को पूरी पारदर्शिता के साथ लाभ दिलाया जाएगा। डीएम ने गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से प्राप्त सभी ऑनलाइन आवेदनों की टीम बनाकर गहन जांच कराई जाए, ताकि एक भी अपात्र योजना का लाभ न उठा सके और कोई पात्र जोड़ा लाभ से वंचित न रहे।
जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि सामूहिक विवाह में जोड़ों को दी जाने वाली सामग्री उच्चतम गुणवत्ता की हो और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही सभी विकास खंडों में उपयुक्त बैंक्वेट हॉल, आयोजन स्थल, नोडल अधिकारियों की तैनाती तथा विवाह की तिथि शीघ्र तय कर समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।