बलिया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह को शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते समर्थकों ने "उमाशंकर सिंह अमर रहें" के नारे लगाए और नम आंखों से अपने लोकप्रिय नेता को विदाई दी।
उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर पहले उनके पैतृक गांव खनवर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां सुबह से ही हजारों लोगों की भीड़ जुटने लगी। इसके बाद अंतिम यात्रा गांव से गंगा घाट के लिए निकली, जहां राजकीय सम्मान और पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र प्रिंस युकेश सिंह ने मुखाग्नि दी।
इससे पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा के दौरान मायावती भावुक हो गईं और कहा, "सब छोड़कर चले गए, लेकिन उमाशंकर सिंह हमेशा मेरे साथ खड़े रहे।"
55 वर्षीय उमाशंकर सिंह का बुधवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में ब्रेन कैंसर के इलाज के दौरान निधन हो गया था। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे और रसड़ा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। उनके निधन से पूर्वांचल की राजनीति में शोक की लहर है।