आगरा के एत्मादपुर में सड़क हादसे में मां और मकान मालकिन की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतका के बेटे ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर पुलिस उसे हिरासत में नहीं लेती, तो उसकी मां उसे छुड़ाने नहीं आती और आज जिंदा होती। वहीं पुलिस ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
मामला आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र का है। ऑटो चालक कपिल रावत का आरोप है कि पुलिस ने उसे और उसके साथी को बिना किसी ठोस वजह के चौकी पर बैठा लिया और मारपीट भी की। कपिल ने अपनी मां सुनीता शर्मा को फोन कर इसकी जानकारी दी। बेटे को छुड़ाने के लिए मां अपनी मकान मालकिन सिया देवी के साथ छलेसर पुलिस चौकी पहुंच रही थीं।
बताया जा रहा है कि चौकी के सामने हाईवे पार करते समय तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने दोनों महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे में मकान मालकिन सिया देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सुनीता शर्मा ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मां की मौत के बाद कपिल रावत ने भावुक बयान देते हुए कहा कि अगर पुलिस उसे बेवजह हिरासत में नहीं लेती, तो उसकी मां उसे छुड़ाने नहीं आती और यह हादसा नहीं होता। उसने पुलिस पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार के भी आरोप लगाए हैं।
वहीं एत्मादपुर पुलिस ने युवक के आरोपों को निराधार बताया है। डीसीपी पश्चिमी जोन ने पूरे मामले की जांच एसीपी एत्मादपुर को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।