मथुरा। आषाढ़ मास के तीसरे सोमवार को शहर के प्रसिद्ध कंकाली देवी मंदिर में पारंपरिक ‘कुआं वाली जात’ मेले का भव्य आयोजन हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। विशेष रूप से महिलाओं ने अपने बच्चों के साथ मंदिर पहुंचकर मां कंकाली के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की प्रार्थना की।
सोमवार को बीच-बीच में हल्की बारिश होती रही, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते रहे और पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खाने-पीने की विभिन्न दुकानें सजाई गईं। वहीं बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए, जहां बच्चों ने खूब आनंद उठाया। मेले का माहौल धार्मिक आस्था के साथ उत्सव जैसा दिखाई दिया।
मंदिर के सेवायत पंडित सुनील शर्मा ने बताया कि आषाढ़ मास के प्रत्येक सोमवार को कंकाली देवी मंदिर में ‘कुआं वाली जात’ का मेला आयोजित होता है। इस परंपरा के तहत महिलाएं अपने बच्चों को मंदिर लेकर आती हैं और पूजा-अर्चना के बाद कुएं के पवित्र जल का बच्चों पर छिड़काव कराती हैं। मान्यता है कि इससे मौसम परिवर्तन के दौरान बच्चों को बीमारियों से सुरक्षा और मां कंकाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि इस बार आषाढ़ मास का तीसरा सोमवार था और अब अगले सोमवार को इस वर्ष के अंतिम ‘कुआं वाली जात’ मेले का आयोजन किया जाएगा।