मथुरा की नौहझील पुलिस ने एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए दो शातिर हत्यारोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। जेल में हुई पुरानी रंजिश के चलते दोस्तों ने ही युवक की हत्या कर उसका शव बाइक से बांधकर नहर में फेंक दिया था। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वीओ:
पुलिस के अनुसार, अलीगढ़ के राघवगढ़ी निवासी अरुण कुमार 1 जुलाई से लापता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब एनडीआरएफ की टीम नहर में एक अन्य युवक की तलाश के दौरान सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान टीम को नहर से एक शव मिला, जो एक बाइक से बंधा हुआ था। पहचान होने पर शव अरुण कुमार का निकला।
जांच में पुलिस ने मृतक के मोबाइल की अंतिम लोकेशन खंगाली, जो नौहझील क्षेत्र के आजनौंठ स्थित एक ढाबे पर मिली। सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों से पता चला कि अरुण आखिरी बार आरोपियों के साथ खाना खाते और शराब पीते हुए देखा गया था।
परिजनों के मुताबिक, अरुण दहेज हत्या के एक मामले में अलीगढ़ जेल में बंद था। वहीं उसकी दोस्ती आजनौंठ निवासी मोती और एदलगढ़ी निवासी सतेंद्र उर्फ सत्ते से हुई थी। जेल में ही किसी बात को लेकर उनके बीच रंजिश हो गई थी और आरोपियों ने बाहर आने पर अरुण को जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन दोनों आरोपी अरुण को बहाने से ढाबे पर ले गए, उसे शराब पिलाई और फिर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को बाइक से बांधकर नहर में फेंक दिया।
सीओ मांट अमरनाथ यादव ने बताया कि चेकिंग के दौरान कोलाहर पुलिया के पास बाइक सवार दोनों संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सतेंद्र उर्फ सत्ते के खिलाफ लूट, हत्या और गैंगस्टर समेत करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह नौहझील थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक, दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस और 2,600 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।