उत्तराखंड के चमोली जिले की थराली विधानसभा क्षेत्र में फर्जी मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि एक पूर्व बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने नियमों की अनदेखी करते हुए एक बाहरी व्यक्ति को स्थानीय निवासी का पुत्र दर्शाकर उसका मतदाता पहचान पत्र बनवा दिया।
यह मामला विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान सामने आया, जब वर्तमान बीएलओ रोशन ने मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान दस्तावेजों की जांच की। जांच में पता चला कि संबंधित व्यक्ति की पहचान और दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं हैं, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति थराली क्षेत्र में सुनार की दुकान संचालित करता था। उस पर आरोप है कि वह स्थानीय लोगों के करीब 20 लाख रुपये से अधिक के जेवर लेकर लगभग एक वर्ष पहले फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि हाल ही में उसने बीएलओ से संपर्क कर अपना नाम मतदाता सूची में बनाए रखने का अनुरोध भी किया था, जिससे संदेह और गहरा गया।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान और सरकारी दस्तावेज तैयार कराने वाले किसी संगठित नेटवर्क या गिरोह की भूमिका हो सकती है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तरह के कितने दस्तावेज बनाए गए और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही।
फिलहाल प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों की जांच तेज कर दी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मामले ने मतदाता सूची की सत्यता और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।