हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वाली उपमंडल में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने निर्माण कार्यों की पोल खोल दी। नगरोटा सूरियां के गजखड्ड में पुल निर्माण के दौरान कंपनी द्वारा वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया गया अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया। वहीं लगातार हुई बारिश से कई मुख्य और संपर्क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने मौसम विभाग के अलर्ट के मद्देनजर लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
ज्वाली उपमंडल के अंतर्गत नगरोटा सूरियां की गजखड्ड में पहली ही तेज बारिश के बाद भारी जलप्रवाह देखने को मिला। पुल निर्माण कार्य में लगी कंपनी ने अपनी मशीनों और वाहनों के आवागमन के लिए अस्थायी पुल बनाया था, जो तेज बहाव के कारण पूरी तरह बह गया। इससे निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ है।
मूसलाधार बारिश का असर क्षेत्र की सड़कों पर भी देखने को मिला। नगरोटा सूरियां-ज्वाली मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान बिछाई गई कंक्रीट और डाली गई मिट्टी पहली ही बारिश में बह गई, जिससे सड़क पर फिसलन बढ़ गई है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
उधर, मौसम विभाग द्वारा अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने विशेष रूप से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।