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Sunday, 19 Apr 2026
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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ महर्षि दयानन्द भवन का भव्य लोकार्पण

कोसीकला के आर्य नगर स्थित आर्य समाज धर्मशाला परिसर में नवनिर्मित महर्षि दयानन्द भवन का लोकार्पण शनिवार सायं 6 बजे भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता पूज्यपाद स्वामी स्वदेश जी महाराज (प्रधान, आर्य प्रतिनिधि सभा उ.प्र.) ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन के साथ हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने भवन के विशाल सभागार तथा प्रथम एवं द्वितीय तल पर निर्मित कक्षों का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण बना रहा। समारोह में कैबिनेट प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, कर्मवीर चौधरी, कमल किशोर वार्ष्णेय, अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष वेद प्रकाश गोयल, अरुण कुमार उर्फ अन्नू वैद्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आर्य समाज के प्रधान डॉ. प्रकाश आर्य एवं समस्त कार्यकारिणी ने अतिथियों का पटका पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। बड़ी संख्या में आर्य समाज के अनुयायी, समाजसेवी एवं नगरवासी कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती भारतीय समाज के महान पुनर्जागरण पुरुष थे। उन्होंने अज्ञानता, अंधविश्वास और कुरीतियों से जकड़े समाज को जागृत करने का कार्य किया।

वेदों की ओर लौटने का उनका संदेश भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा को पुनर्स्थापित करने का आह्वान था। उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश की रचना कर समाज को सत्य, तर्क और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। शिक्षा, नारी सम्मान, समानता और सामाजिक सुधार को उन्होंने विशेष महत्व दिया।

बाल विवाह, छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के विरुद्ध उनकी निर्भीक आवाज आज भी समाज को प्रेरित करती है। वक्ताओं ने कहा कि आर्य समाज द्वारा निर्मित यह भवन महर्षि दयानन्द के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। 

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