लखनऊ अग्निकांड के बाद मथुरा जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान में बड़े खुलासे सामने आए हैं। शहर के कई कोचिंग संस्थान सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर संचालित होते पाए गए। जांच के दौरान अधिकारियों के उस समय होश उड़ गए जब कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट और तहखानों में संचालित होते मिले, जहां आपातकालीन निकासी और अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी, एनओसी की कमी, आपातकालीन निकास मार्गों का अभाव और बेसमेंट में कक्षाएं संचालित किए जाने जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 12 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया।
निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन नहीं पाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की जान जोखिम में डालने वाले संस्थानों के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला प्रशासन ने कोचिंग संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और भवन सुरक्षा से संबंधित सभी मानकों का तत्काल पालन सुनिश्चित करें। साथ ही बेसमेंट और तहखानों में संचालित अवैध गतिविधियों को बंद करने के आदेश भी दिए गए हैं।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में मथुरा में भी प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।