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Tuesday, 23 Jun 2026
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'शिक्षक सर्वोपरि' का मंत्र, एसीएस पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों को दिया बड़ा संदेश

उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने यूट्यूब लाइव संवाद के माध्यम से प्रदेश के लाखों शिक्षकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि "कक्षा-कक्ष ही परिवर्तन की सबसे बड़ी प्रयोगशाला है और शिक्षक ही शिक्षा सुधार की असली ताकत हैं।" उन्होंने कहा कि विद्यालयों में वास्तविक बदलाव केवल शिक्षक की निष्ठा, समर्पण और प्रतिबद्धता से ही संभव है।

संवाद के दौरान एसीएस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण या स्मार्ट क्लास तक सीमित नहीं है, बल्कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था का केंद्र कक्षा-कक्ष है, जहां बच्चे का ज्ञान, व्यक्तित्व और भविष्य आकार लेता है। इसलिए निपुण भारत मिशन की सफलता भी शिक्षक की भूमिका पर निर्भर करती है।

शिक्षकों के हित में की गई बड़ी घोषणाओं का उल्लेख करते हुए पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की गई है। इस योजना में सहायक अध्यापकों के साथ-साथ शिक्षा मित्र, अनुदेशक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने सभी शिक्षकों से योजना में पंजीकरण कराने की अपील की।

उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि की है तथा लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। प्रदेश में लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों, यानी कुल 21 हजार नई भर्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

एसीएस ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे नौकरी के बजाय शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का मिशन मानकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ बच्चों को पढ़ाएंगे, तभी प्रदेश का हर बच्चा निपुण बन सकेगा। उन्होंने शिक्षकों को नियमित अध्ययन, लेखन, योग और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी सलाह दी।

अपने संबोधन के अंत में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि शिक्षकों की मेहनत और समर्पण के बल पर उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था देश में नई पहचान स्थापित करेगी।

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