पंजाब के जालंधर में पुलिस ने रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक संगठित गैंग का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे और जालंधर व शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) जिलों में कई वारदातों की साजिश और क्रियान्वयन में शामिल थे।
पंजाब पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह रंगदारी मांगने, धमकी देने और फायरिंग जैसी घटनाओं के जरिए इलाके में दहशत फैलाने का काम कर रहा था।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि गैंग के सदस्य विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। आरोपियों के खिलाफ जालंधर के भार्गव कैंप थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा विदेश में बैठे संचालकों तक इसकी कड़ियां कहां तक पहुंचती हैं। पुलिस गैंग के अन्य सहयोगियों और आर्थिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
हाल के दिनों में पंजाब में रंगदारी और फायरिंग की कई घटनाओं के तार विदेशों में बैठे गैंगस्टरों से जुड़ते रहे हैं। ऐसे में जालंधर पुलिस की यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।