मांट तहसील में ई-रजिस्ट्री कानून के विरोध में चल रहे आंदोलन को शनिवार को उस समय राजनीतिक समर्थन मिला, जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता संजय लाठर धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
धरना स्थल पर मौजूद अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए संजय लाठर ने कहा कि ई-रजिस्ट्री कानून से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और आम जनता को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना सभी पक्षों की सहमति और सुझावों पर विचार किए नई व्यवस्था लागू कर रही है, जिससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
संजय लाठर ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को केवल अधिवक्ताओं का नहीं, बल्कि जनहित का विषय मानती है। पार्टी इस मामले को गंभीरता से उठाएगी और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को संबंधित पक्षों के साथ संवाद स्थापित कर समाधान निकालना चाहिए।
धरने पर बैठे अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने भी अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से वर्षों से इस कार्य से जुड़े लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही आम जनता को भी रजिस्ट्री संबंधी कार्यों में अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
संजय लाठर ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को पार्टी स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे।
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ, दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और समर्थक उपस्थित रहे।