मथुरा में 34वें पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित फोटो-पत्रकारिता संगोष्ठी में पत्रकारिता की वर्तमान चुनौतियों, जिम्मेदारियों और भविष्य को लेकर गंभीर मंथन हुआ। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (एनयूजेआई) और ब्रज प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने पत्रकारों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान, जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, नगर आयुक्त जगप्रवेश, एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी तथा मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अपने संबोधन में मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय पत्रकारिता का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन वर्तमान दौर में पत्रकारों के सामने अपनी विश्वसनीयता और साख बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्षता, ईमानदारी और निर्भीकता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने मथुरा के पत्रकारों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने तथा ब्रज प्रेस क्लब के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास करने का भी आश्वासन दिया।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने स्वयं को ब्रज की बेटी बताते हुए पत्रकारों से अपनी खबरों में ब्रजभाषा के अधिक उपयोग की अपील की। उन्होंने महिलाओं के हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में पत्रकारिता नई चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने पत्रकारों से आत्ममूल्यांकन करने का आह्वान किया और कार्यक्रम के दौरान बार-बार बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया।
एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून और पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग रखी। वहीं जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने पत्रकारों की समाजहित में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की और एसएसपी श्लोक कुमार ने पत्रकारों को समाज का दर्पण बताया।
कार्यक्रम में ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु ने क्लब भवन के लिए भूमि की मांग दोहराई। अंत में सभी अतिथियों का सम्मान किया गया और बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।