दिल्ली पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान कई नवजात शिशुओं को सुरक्षित बचाया गया। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विभिन्न राज्यों में सक्रिय था और नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस के अनुसार इस पूरे रैकेट में अस्पताल और उससे जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि नवजात बच्चों के सौदों को वैध दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य कागजात तैयार किए जाते थे। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को खंगाल रही हैं।
दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने करीब 15 दिनों तक लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद इस गिरोह तक पहुंच बनाई। कार्रवाई के दौरान कई राज्यों में छापेमारी की गई और डॉक्टर, दलाल, कथित तस्कर तथा खरीददारों समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही पांच से अधिक नवजात शिशुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह निःसंतान दंपतियों को मोटी रकम लेकर नवजात बच्चों की आपूर्ति करता था। बच्चों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग एजेंट और बिचौलियों का इस्तेमाल किया जाता था।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा गया है तथा उनके वास्तविक परिजनों की तलाश की जा रही है।