आगरा के शमशाबाद थाना क्षेत्र के नगला बीच गांव में आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर उस समय विवादों में घिर गया, जब बच्चों को कथित रूप से एक्सपायरी दवाएं बांटे जाने का मामला सामने आया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर शिविर में मौजूद टीम का विरोध शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार टोरेंट यूएनएम फाउंडेशन द्वारा गांव में छह वर्ष तक के बच्चों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया था। आरोप है कि बच्चों को उपचार के नाम पर जो दवाएं दी जा रही थीं, उनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। कुछ ग्रामीणों ने जब दवाओं के पैकेट पर लिखी तारीख की जांच की तो मामले का खुलासा हुआ और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों ने फाउंडेशन की टीम को रोक लिया और मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने टीम को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की और पूरे मामले की जानकारी ड्रग विभाग को दी। इसके बाद ड्रग विभाग की टीम भी जांच के लिए मौके पर पहुंची और दवाओं के सैंपल सहित संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी।
फिलहाल पुलिस और ड्रग विभाग मामले की जांच में जुटे हुए हैं। वहीं ग्रामीणों ने बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दवाएं वास्तव में एक्सपायरी थीं या नहीं और इस मामले में किसकी लापरवाही सामने आती है।