मांट। मांट तहसील में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। हड़ताल के चलते तहसील परिसर में रजिस्ट्री संबंधी कार्य लगभग ठप हो गए हैं, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ शासन को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आंदोलनरत अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू किए जाने से उनके रोजगार और कार्य प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी के विरोध में वे पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों और आपत्तियों पर अब तक शासन एवं प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।
हड़ताल के कारण संपत्ति खरीद-फरोख्त से संबंधित रजिस्ट्री कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि रजिस्ट्री कार्य बाधित होने से सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जो अब तक करोड़ों रुपये तक पहुंच चुका है।
अधिवक्ता संघ एवं दस्तावेज लेखक संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा और संतोषजनक समाधान नहीं निकलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप देते हुए भूख हड़ताल शुरू की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उधर, हड़ताल के चलते तहसील क्षेत्र के लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भूमि एवं संपत्ति संबंधी कार्य लंबित होने से कई नागरिकों के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से वार्ता कर शीघ्र समाधान निकालने की मांग की है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और समाधान होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। अब सभी की निगाहें शासन और प्रशासन की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।