दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं, लेकिन सबसे दर्दनाक कहानी गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार की है। परिवार के सदस्य एक बीमार बुजुर्ग की देखभाल और हालचाल जानने के लिए दिल्ली आए थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह मुलाकात उनकी जिंदगी की आखिरी मुलाकात बन जाएगी। हादसे में परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार परिवार के मुखिया राधेश्याम अग्रवाल गंभीर रूप से बीमार हैं और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवार के सदस्य उनसे मिलने और उनका हाल जानने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। ठहरने के लिए उन्होंने मालवीय नगर स्थित होटल में कमरे लिए थे। बुधवार सुबह अचानक होटल में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा भवन धुएं और लपटों से घिर गया।
हादसे में अग्रवाल परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में परिवार की कई पीढ़ियों के सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। इस त्रासदी ने पूरे गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
इस भीषण अग्निकांड में कुल 21 लोगों की जान चली गई जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रारंभिक जांच में होटल में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक होटल में अग्निशमन संबंधी आवश्यक अनुमतियां नहीं थीं और क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे। घटना के बाद होटल मालिक और प्रबंधन की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है।
यह हादसा न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस तरह एक पल में दर्जनों परिवारों की खुशियां छीन सकती है।