उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Chandrashekhar Azad को उनकी प्रस्तावित "सत्ता परिवर्तन यात्रा" से पहले नजरबंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यात्रा की शुरुआत बिजनौर से होनी थी, लेकिन उससे पहले ही प्रशासन ने उनके आवास के बाहर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
चंद्रशेखर आजाद ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में "सत्ता परिवर्तन यात्रा" निकालने का ऐलान किया था। यह यात्रा 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक समुदायों के मुद्दों को लेकर शुरू की जानी थी।
सूत्रों के अनुसार यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस सतर्क थी। अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए पुलिस ने उनके आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। इसके बाद उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली।
आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए विरोध जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सत्ता परिवर्तन यात्रा जनता की आवाज उठाने का अभियान है और उसे रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
गौरतलब है कि चंद्रशेखर आजाद ने घोषणा की थी कि उनकी यात्रा बिजनौर से शुरू होकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाएगी और सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मुद्दों पर जनता से संवाद करेगी।