Please wait we are preparing awesome things...

Saturday, 16 May 2026
ई-पेपर संस्करण
www.abhinews.co.in
उत्तर प्रदेश संस्करण
PAGE - 01
मथुरा जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं को बचाने का विशेष प्रशिक्षण, जन्म के तुरंत बाद सही उपचार पर दिया जोर

मथुरा के जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर कम करने और जन्म के समय जीवनरक्षक सहायता को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एनआरपी दिवस पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉक्टरों, नर्सिंग कर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को नवजात पुनर्जीवन की वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि जन्म के तुरंत बाद शिशु की गंभीर स्थिति में समय रहते सही उपचार देकर उसकी जान बचाई जा सके।

यह कार्यक्रम नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम इंडिया द्वारा देशभर में चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा रहा। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म के शुरुआती महत्वपूर्ण मिनटों में उचित और प्रभावी चिकित्सा सहायता मिल सके। विशेषज्ञों ने बताया कि जन्म के समय शिशु का न रोना या सांस न ले पाना नवजात मृत्यु का एक बड़ा कारण है, जिसे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता से काफी हद तक रोका जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को नवजात शिशु की सांस चालू कराने, आपात स्थिति में तत्काल उपचार देने और जीवनरक्षक प्रक्रियाओं को सही तरीके से अपनाने का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से नवजात देखभाल की बारीकियां समझाई गईं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम के जिला समन्वयक एवं बाल रोग विशेषज्ञ Dr. Om Prakash ने की। वहीं इस राष्ट्रीय अभियान का संचालन Dr. Lallan Kumar Bharti के नेतृत्व में किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि जन्म के बाद के शुरुआती कुछ मिनट नवजात के जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और सही समय पर दिया गया उपचार कई मासूमों की जान बचा सकता है।

Previous News

गोवर्धन की गिरिराज तलहटी में भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकली, जयकारों और झांकियों से गूंजा कस्बा

Next News

मथुरा में हरियाणा मार्का अवैध शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, लाखों की नगदी और कार बरामद