कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में पावर प्लांट के नाम पर हुए कथित बड़े जमीन घोटाले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि वर्ष 2011 में 1320 मेगावाट कोयला आधारित पावर प्लांट स्थापित करने के नाम पर किसानों से जमीन ली गई और सरकारी जमीन कंपनियों को हस्तांतरित की गई, लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी परियोजना पर कोई काम शुरू नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड और लैंको अनपरा पावर लिमिटेड पर आरोप है कि उन्होंने करीब 1068 हेक्टेयर सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों से 1500 करोड़ रुपये से अधिक का लोन प्राप्त किया। इसमें आईडीबीआई बैंक, केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक शामिल बताए जा रहे हैं।
आरोप यह भी है कि बाद में करोड़ों रुपये की जमीन को मात्र 49.50 लाख रुपये में नीलाम कर दिया गया, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
मामले में योगी सरकार के निर्देश पर मूसानगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन अब पूरे प्रकरण की गहराई से जांच में जुटा है और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।