धर्म नगरी वृंदावन में यमुना किनारे बुधवार को हुई दो अलग-अलग घटनाओं ने घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। प्लाटून पुल और बांके बिहारी चौकी क्षेत्र के जुगलघाट पर हुए हादसों में एक युवक और एक महिला की जान नाविकों की सतर्कता से बच गई।
पहली घटना प्लाटून पुल की बताई जा रही है, जहां एक युवक अचानक यमुना नदी में डूबने लगा। युवक को डूबता देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन वहां मौजूद नाविकों ने तुरंत नदी में उतरकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
वहीं दूसरी घटना जुगलघाट की है, जहां घरेलू विवाद से परेशान एक महिला ने यमुना में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला ने अचानक नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की, लेकिन नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए बिहार घाट के पास से महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दोनों घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी नहीं रहने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने नाविकों की जमकर सराहना करते हुए उन्हें “फरिश्ता” बताया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नाविक मदद के लिए आगे नहीं आते, तो दोनों घटनाएं बड़े हादसे में बदल सकती थीं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यमुना घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और पुलिस की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।