अयोध्या के थाना महाराजगंज क्षेत्र में हुई खूनी वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना से पहले ही पुलिस और एसएसपी कार्यालय को ऑनलाइन शिकायत देकर जानलेवा हमले की आशंका जताई गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
परिजनों के मुताबिक, महेश तिवारी सुबह घर से टहलने निकले थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दबंगों ने उन्हें घेर लिया और बेरहमी से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की और बाद में फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए।
हमले में महेश तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि उनके दोनों हाथ टूट गए हैं और सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत Darshannagar Divisional Hospital में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि पुलिस पहले दी गई शिकायत पर कार्रवाई कर देती, तो इस घटना को रोका जा सकता था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं परिजन दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।