वृंदावन। बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में धर्मनगरी वृंदावन का संत समाज और प्रमुख धर्माचार्य खुलकर सामने आए। वृंदावन में आयोजित संतों, धर्माचार्यों और कथावाचकों की अहम बैठक में संतों ने ‘संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
बैठक में धर्माचार्यों ने एक स्वर में कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान को गलत संदर्भ में समझा जा रहा है। संतों ने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार मर्यादा की स्थापना के लिए और भगवान श्रीकृष्ण का अवतार लीलाओं के लिए हुआ था। दोनों के प्रसंगों में अंतर होना स्वाभाविक है।
संतों ने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत सनातन धर्म और संतों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत समाज इस तरह के अपमान को अब बर्दाश्त नहीं करेगा।